स्त्री

स्त्रीणां द्विगुण आहारो लज्जा चापि चतुर्गुणा:।
साहसं     षड्गुणं   चैव   कामश्चाष्टगुण: स्मृत:॥

Comments

Popular posts from this blog

आधुनिक काल में होम(यज्ञ) करने की मुख्य तीन विधियां

यज्ञोपवीत (जनेऊ) के नौ तन्तुओं के नौ देवता

यज्ञ करने का विधान