भारतीय दर्शन (Indian Philosophy)

दर्शन दो प्रकार के हैं :1. नास्तिक दर्शन  2.आस्तिक दर्शन 
नास्तिक दर्शन तीन प्रकार के हैं :
1. चार्वाक दर्शन (लोकायत दर्शन) (महर्षि चार्वाक)
2. बौद्ध दर्शन (वैभाषिक, सौत्रांतिक, योगाचार और माध्यमिक (शून्यवाद)
3. जैन दर्शन (स्यादवाद)

आस्तिक दर्शन छ: प्रकार के हैं जिन्हें षड् दर्शन कहा जाता है:
1. न्याय दर्शन (महर्षि गौतम)
2. वैशेषिक दर्शन (महर्षि कणाद)
3. साँख्य दर्शन (महर्षि कपिल)
4. योग दर्शन (महर्षि पतंजलि)
5. मीमांसा दर्शन (कर्म मीमांसा) (महर्षि जैमिनी)
6. वेदान्त दर्शन (ब्रह्म सूत्र) (महर्षि बादरायण वेदव्यास)

Comments

Popular posts from this blog

यज्ञ करने का विधान

आधुनिक काल में होम(यज्ञ) करने की मुख्य तीन विधियां

शतपथ ब्राह्मण में राजसूय, पिण्ड पितृ याग, अश्वमेध, वाजपेय आदि श्रौत यज्ञों का विवरण