ब्रह्मसूत्र, उपवर्ष वृत्ति और शारीरक शांकर भाष्य

श्रीकृष्ण द्वैपायन महर्षि वेदव्यास जी ने ब्रह्म सूत्र की रचना की। ब्रह्मसूत्र को उत्तर मीमांसा, ब्रह्म मीमांसा एवम् वेदांत दर्शन भी कहते हैं। ब्रह्मसूत्र के रचनाकार भगवान् बादरायण श्रीकृष्ण द्वैपायन वेदव्यास जी हैं। वृत्तिकार उपवर्ष महर्षि बादरायण वेदव्यास जी के प्रशिष्य एवम् परमहंस शिरोमणि श्रीशुकदेव जी के शिष्य थे। वृत्तिकार महर्षि उपवर्ष ने ब्रह्मसूत्र पर एक वृत्ति लिखी जो उपवर्ष वृत्ति के नाम से प्रसिद्ध है। ब्रह्मसूत्र के उपवर्ष वृत्ति के आधार पर जगद्गुरु भगवत्पाद  आदि शंकराचार्य ने ब्रह्मसूत्र पर शारीरक भाष्य लिखा जो शारीरक शांकर भाष्य के नाम से प्रसिद्ध है॥

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